उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों को 'शिव राज' का बड़ा तोहफा

PUBLISHED : May 23 , 11:41 AMBookmark and Share




 इंदौर : देश में जातिगत आरक्षण पर जारी बहस के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने अहम फैसले के तहत तय किया है कि वह अगले साल से उच्च शिक्षा संस्थानों में मेरिट के बूते दाखिला पाने वाले सभी जातियों और वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस भरेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर से सटे गांव असरावद खुर्द में पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के 500 सीटों वाले छात्रावास के शिलान्यास समारोह में इस आशय की घोषणा की।

उन्होंने कहा, 'अपनी तरह की पहली योजना के तहत हमने तय किया है कि प्रदेश सरकार ऐसे सभी मेधावी विद्यार्थियों की पूरी शैक्षणिक फीस भरेगी, जिनका दाखिला उच्च शिक्षा संस्थानों में मेरिट के आधार पर होगा। अगले साल से लागू होने वाली इस योजना में विद्यार्थियों के लिये जाति और वर्ग का कोई बंधन नहीं होगा।'

चौहान ने कहा, 'हम नहीं चाहते कि धन के अभाव में किसी भी जाति और वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित रहना पड़े।' उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों को फीस के रूप में लाखों रुपये अदा करने पड़ते हैं। कई विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये बैंक से कर्ज भी नहीं मिल पाता। इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार नई योजना का खाका तैयार कर रही है।

छात्रावास के शिलान्यास समारोह में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत और मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अंतर सिंह आर्य मौजूद थे।
 

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