सुस्त रही स्पेक्ट्रम नीलामी, 65 हजार करोड़ की बोली के साथ समाप्त

PUBLISHED : Oct 07 , 2:15 PMBookmark and Share




नई दिल्ली : देश में स्पेक्ट्रम की सबसे बड़ी नीलामी काफी सुस्त रही और शुरू होने के पांच दिन बाद ही यह 65,789 करोड़ रूपये की बोली लगने के साथ समाप्त हो गई। सरकार को हालांकि, इस नीलामी से 5.6 लाख करोड़ रूपये की बोली मिलने की उम्मीद थी।

सरकार ने जितने स्पेक्ट्रम को बोली के लिये पेश किया था उसके मात्र 40 प्रतिशत के लिये ही कंपनियों ने बोलियां लगाई। 60 प्रतिशत स्पेक्ट्रम बिना बिके ही रह गया। यहां तक कि 4जी दूरसंचार सेवाओं के लिये जरूरी प्रीमियम बैंड में कोई बोली नहीं आई।

ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन की भारतीय इकाई वोडाफोन इंडिया इस नीलामी में सबसे ज्यादा सक्रिय रही और उसने 20,000 करोड़ रपये का स्पेक्ट्रम खरीदा। सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने 14,244 करोड़ रपये और आइडिया सेल्युलर ने 12,798 करोड़ रपये की बोली लगाई।

दूरसंचार क्षेत्र में नई नई उतरी रिलायंस जियो ने नीलामी में 13,672 करोड़ रपये का स्पेक्ट्रम खरीदा है। टाटा टेलीसर्विसेज ने इस दौरान 4,500 करोड़ रपये की बोली लगाई है और उसने मुंबई में स्पेक्ट्रम बरकरार रखा है जहां इसका लाइसेंस खत्म होने वाला था। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि जिन सात बैंडों में कुल पेश 2,354.55 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम बिक्री के लिये पेश किया गया था उसमें से केवल 964.80 मेगाहट्र्ज के लिये ही बोलियां मिलीं हैं।
सिन्हा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार को इस नीलामी में कुल 32,000 करोड़ रूपये का अग्रिम भुगतान प्राप्त होगा जो कि पिछले पांच साल के दौरान सर्वाधिक है। दूरसंचार कंपनियां जिन क्षेत्रों में अपनी डेटा सेवाओं को बेहतर करना चाहतीं हैं वहां उन्होंने नीलामी में भाग लिया। हम कुल 964.80 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम बेच पाये हैं।’

सिन्हा से जब यह पूछा गया कि नीलामी में कमजोर प्रतिक्रिया से क्या वह निराश हैं जवाब में उन्होंने कहा कि वास्तव में वह खुश हैं कि सरकार को पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा अग्रिम भुगतान प्राप्त होगा।

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