'ऑफिस ऑफ प्रॉफिट' में फंसे AAP के 21 विधायकों की जा सकती है सदस्यता

PUBLISHED : Jun 14 , 8:22 AMBookmark and Share





नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संसदीय सचिव बिल को लौटा दिया है। गौर हो कि इस बिल के लौटाने के बाद अब संसदीय सचिव बनाए गए केजरीवाल के 21 विधायकों की सदस्यता पर तलवार लटक गई है। इन विधायकों की सदस्यता रद्द की जा सकती है। इस बिल में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे से संसदीय सचिवों को बाहर रखने की बात की गई थी।

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि यह दिल्ली सरकार के लिए बड़ी नैतिक हार है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का मानना है कि चुनाव आयोग इस मामले पर आखिरी फैसला लेगा। अगर चुनाव आयोग निर्णय लेता है और सदस्यता खत्म होती है तो इन सीटों पर उपचुनाव का ही रास्ता बचता है। दरअसल इस मामले में एक याचिका के जरिए चुनाव आयोग के पास विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने की शिकायत की गई थी। दिल्ली सरकार ने इस बिल को मंजूरी दिलाने के लिए उप राज्यपाल नजीब जंग के पास भेजा था और जंग ने इसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेज दिया था।

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