ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के क्रियान्वयन में म.प्र. देश में उदाहरण बने

PUBLISHED : Apr 05 , 8:18 AMBookmark and Share



मंत्रीगण और अधिकारियों को किया ताक़ीद
मुख्यमंत्री ने देखी अभियान और किसानों की आय दोगुनी करने की कार्ययोजना

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ग्रामोदय से भारत उदय अभियान जनसेवा का सर्वश्रेष्ठ प्रयास है। उन्होंने कहा कि अभियान का आदर्श रूप में क्रियान्वयन करें ताकि अन्य राज्यों के सामने यह उदाहरण बने। श्री चौहान आज यहाँ अभियान की प्रस्तुतिकरण बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में गृह मंत्री श्री बाबूलाल गौर, वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधराराजे सिंधिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, लोक निर्माण मंत्री श्री सरताज सिंह, राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, अन्य विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अभियान का स्वरूप बहुउद्देशीय हो। प्रयास हो कि अभियान के दौरान ग्रामीण जन की समस्याओं का प्रभावी निराकरण हो जाए। पाँच वर्ष के लिए विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार हो जायें। यह अभियान हर वर्ष चलेगा। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र हितग्राही लाभान्वित हों। श्री चौहान ने कहा कि अभियान का संचालन जनादोंलन के रूप में किया जायें। जनता की सक्रिय भागीदारी के लिये सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाये। उन्होंने वातावरण निर्माण गतिविधियों के प्रभावों पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान गरीब परिवारों को भूमि के पट्टे दिये जाने की कार्रवाई भी प्रारंभ की जाये। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के दौरान संतानहीन बहनों का उपचार और उनका नि:शुल्क उपचार करवाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि सभा के दौरान गाँव में वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थल के चयन की कार्रवाई भी की जाये। उन्होंने पशु चिकित्सा के संबंध में शिविर द्वारा उपचार प्रयासों की संभावनाओं का परीक्षण कर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकासखंड वार नोडल अधिकारी सभी ग्राम सभाओं की निगरानी करेंगे और कम से कम 4 से 5 ग्राम पंचायत की कार्रवाई में अनिवार्यत: सम्मिलित भी होंगे। बैठक में अभियान के स्वरूप, संचालन और आगामी पाँच वर्ष में किसानों की आय दोगुना करने संबंधी प्रस्तुतिकरण अधिकारियों द्वारा दिये गये।

अभियान में राज्य स्तरीय अधिकारियों की भूमिका

    अभियान का प्रभावी पर्यवेक्षण करेंगे।

    आवंटित जिले का कम से कम दो बार भ्रमण करेंगे।

    प्रत्येक भ्रमण दो दिवसीय होगा।

    प्रत्येक अधिकारी के लिए तीन विकासखंड निर्धारित होंगे।

    अभियान के दौरान प्राप्त होने वाली माँगों और शिकायतों पर कार्रवाई प्रतिवेदन देंगे।

    ग्राम सभा कार्रवाई का पर्यवेक्षण कर रिपोर्ट देंगे।

अभियान के मुख्य बिन्दु

    प्रदेश में अभियान 14 अप्रैल से 31 मई तक चलेगा।

    ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभाएँ का आयोजन होगा। 15 अप्रैल से 15 मई तक होंगी।

    प्रदेश के ग्राम समस्या मुक्त होंगे।

    स्वच्छ भारत मिशन की कार्ययोजना अनुसार वातावरण निर्माण होगा।

    सामाजिक सौहार्द्र और समरसता को बढ़ावा मिलेगा।

    पंचायतराज प्रणाली मजबूत होगी। ग्राम विकास में आमजन की सहभागिता बढ़ेगी।

    गाँववार खेल प्रतियोगितायें होंगी।

    गाँववार सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रतियोगितायें होंगी।

    प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार मिलेंगे।

    गाँव की जल संरचनाओं का उपलब्ध और संभावित का सर्वे होगा।

    जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना बनेगी।

    ग्राम पंचायत की परिसम्पत्तियों का सत्यापन होगा।

    ग्राम सभा में गाँव के विकास पर संसद की भाँति खुली बहस होगी।

    राज्य स्तर पर युवा उद्यमी सम्मेलन होगा।

    अनुसूचित क्षेत्र की अनुसूचित जनजाति वर्ग की 100 महिला सरपंच आंध्रप्रदेश जायेंगी।

    डॉ. अम्बेडकर जयंती पर राज्य, जिला, ग्राम स्तर पर कार्यक्रम होंगे।

    महिला स्वास्थ्य शिविर 1 मई से 31 मई तक लगेंगे।

    दिव्यांग परीक्षण एवं पुर्नवास प्रयास होंगे। मई माह के दौरान जिलावार महिला स्वसहायता सम्मेलन होंगे।

    महिला सरपंच विजयवाड़ा आंध्रप्रदेश में होने वाले सम्मेलन में होंगी शामिल।

    प्रधानमंत्री के पंचायत दिवस संबोधन को ग्राम पंचायतों में दिखाया जायेगा।

    24 अप्रैल को जमशेदपुर, झारखंड में संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री।

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