संत हमारे ग्रंथ है

PUBLISHED : May 08 , 7:05 AMBookmark and Share



विदिशा जिले के ग्राम गमाखर में भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज विदिशा की गंजबासौदा तहसील के ग्राम गमाखर में जारी 1,111 कुंडीय अतिरूद्र महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मानव जीवन के कल्याण के लिए कर्म को प्रधान बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति का दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन ही पूजा है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में लिंगानुपात में बालिकाओं की संख्या कम होने पर चिन्ता जाहिर करते हुए कहा कि बालिकाओं के संरक्षण के लिए सभी समाज एकजुटता का परिचय दें। उन्होंने गाँव को नशामुक्त करने के क्षेत्र में आगे आने की भी बात कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जलाभिषेक अभियान पर कहा कि अधिक से अधिक जल संचय संरचनाओं का निर्माण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक भी नया बूचड़खाना नहीं खोला जाएगा। गौ-वंश वृद्वि के लिए भी हर संभव प्रयास किए जायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संत हमारे ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि संत, समाज में एकजुटता और मानव कल्याण के पथ प्रदर्शक है। उन्होंने अतिरूद्र महायज्ञ को मिनी कुंभ जैसा बताया। मुख्यमंत्री श्री चौहान आरती में भी शामिल हुए। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री रूस्तम सिंह, राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर, श्री वीर सिंह पवार और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जगतगुरू श्री रामस्वरूपाचार्य और महामण्डलेश्वर श्री कनकबिहारी दास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने श्री देवेन्द्र रघुवंशी द्वारा लिखित 'रघुवंश कृति'' का विमोचन किया।
दुर्गेश रायकवार

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