मिशन 2018 के लिये 25सीटें निशाने पर ....

PUBLISHED : Sep 11 , 8:40 AMBookmark and Share



डा.नवीन जोशी
भोपाल । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मध्य प्रदेश बीजेपी के नेताओ की ली गई क्लास का असर अब भी दिखाई दे रहा है।पार्टी ने मिशन 2018 के मद्देनजर अभी से ऐसे 25 नेताओं को निशाने पर ले लिया है जिन्होंने 5 हजार से कम मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।सूत्रों के मुताबिक इनकी रिपोर्ट अमित शाह को भेजी गई है।वहीं कांग्रेस भी ऐसी सीटों को कब्जाने की कवायद में लग चुकी है।
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मध्य प्रदेश दौरे से जाने के बाद भी बीजेपी के नेताओं की नींद उड़ीं हुई हैं।जहां सरकार में मुख्यमंन्त्री मंत्रियों की परफॉर्मेंस के साथ साथ अफसरों की क्लास ले रहे है तो संगठन भी चौथी बार पार्टी को जिताने की कवायद में लग गया है।इसके लिए संगठन 5 हजार से कम मतों के अंतर से जीते विधायको की परफॉर्मेंस ओर फीडबैक की समीक्षा कर रहा है।दरअसल बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में अमित शाह ने साफ कर दिया था कि कमजोर स्थिति और परफॉर्मेंस वाले चेहरों को चुनाव न लड़ाया जाए।इसी के मद्देनजर प्रदेश संगठन ने 25 ऐसे नेताओं की जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज रहा है जिन्हें 5 हजार से कम अंतर से जीत मिली थी।

कम अंतर से जीतने वाले विधायक


सैलाना संगीत चेरल 2079

मलहरा रेखा यादव 1514

जौरा सूबेदार सिंह 2498 जीत का अंतर

बड़वारा मोती कश्यप 3287

शमसाबाद सूर्यप्रकाश मीना 3158

मुरैना रुस्तम सिंह 1704 जीत का अंतर

मेहगांव मुकेश चतुर्वेदी 1273

सरदारपुर वेलसिंह भूरिया 529

ब्यावरा नारायण पंवार 3088

सीधी केदार शुक्ल 2360

गुन्नौर महेंद्र सिंह 137

मनावर रंजना बघेल 1639

जबलपुर पूर्व अंचल सोनकर 1155

ग्वालियर पुर्व माया सिंह 1147

पोहरी प्रह्लाद भारती 3625

बालाघाट गौरीशंकर बिसेन 2500

देवतालाब गिरीश गौतम 3885

शाजापुर अरुण भीमावत 1938

बरघाट कमल मर्सकोले 269

अशोक नगर गोपीलाल जाटव 3348

सुरखी पारुल साहू 141

कुरवाई वीरसिंह पंवार 4081

सोनकच्छ राजेन्द्र वर्मा 880

वजह है कि संगठन चाहे विधायक 5 हजार से जीता हो या 50 हजार से उसके परफॉर्मेंस के आधार पर ही टिकिट देने की तैयारी में है।

 2.....5 हजार से कम अंतर से जीतने वालों में अकेले विधायक नही मंत्री भी है।ऐसे में संगठन इन 25 विधायकों की समीक्षा के बहाने बाकी विधायको पर भी दबाव बनाना चाहती है कि अगले एक वर्ष में सरकार की नीतियां योजनाओं के प्रचार प्रसार के साथ साथ जनता से जीवंत संपर्क बनाए ताकि उनका जनाधार मजबूत रह सके।ऐसी सीटों समेत बाकी सीटों पर टिकिट का फैसला करने के लिए बीजेपी की चुनाव प्रबंध समिति 230 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नामो का पैनल तैयार करेगी,फिर केन्द्रीय नेतृत्व इनमें से अखिरी नाम तय करेगा।

वही बीजेपी द्वारा 5 हजार से कम अंतर से जीती गईं सीटों पर अकेले बीजेपी का ही ध्यान नही है,कांग्रेस भी इन सीटों को जीतने के लिए कमर कस चुकी है। कॉंग्रेस भी इन सीटों को चिन्हित कर अभी से इन सीटों से हारे हुए प्रत्याशियों को मैदान में उतार रही है।
- कहते है एक वोट से मिली जीत भी जीत होती है,लेकिन 5 सालो में ये कम अंतर से मिली जीत कब 6वे साल में आपको हार दिला दे कहा नही जा सकता। यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही ऐसी सीटों पर नजर गड़ाये हुए है।वहीं इन सीटों पर बीजेपी की मेहनत को अमित शाह के फियर फेक्टर से जोड़ा जा सकता है।
डा.नवीन जोशी

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