आज से पांच देशों के दौरे पर पीएम मोदी, सबसे पहले जाएंगे अफगानिस्तान

PUBLISHED : Jun 04 , 9:45 AMBookmark and Share




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से पांच देशों अफगानिस्तान, कतर, स्विटजरलैंड, अमेरिका और मेक्सिको के दौरे की शुरूआत करेंगे। उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद इन देशों के साथ भारत के व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को विस्तार देना तथा संबंधों को नयी गति प्रदान करनी है।

अपने इस विदेश प्रवास के दौरान मोदी 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए स्विटजरलैंड का सहयोग मांग सकते हैं क्योंकि ये दोनों इस प्रतिष्ठित समूह के मुख्य सदस्य हैं। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मोदी की बातचीत के दौरान भी यह मुद्दा उठ सकता है।

स्विटजरलैंड के नेतृत्व के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री वहां के बैंकों में भारतीय नागरिकों के जमा कालेधन के मुद्दे को भी उठा सकते हैं।

अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी अफगानिस्तान जाएंगे जहां हेरात प्रांत में वह अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अफगान-भारत मित्रता सेतु का भी उद्घाटन करेंगे। पहले इसे सलमा बांध के नाम से जाना जाता था। दोनों नेता अफगानिस्तान में मौजूदा हालात सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

अफगानिस्तान से मोदी कल ही कतर जाएंगे और फिर वहां से रविवार को दो दिन के लिए स्विटजरलैंड जाएंगे।

यह पूछे जाने कि प्रधानमंत्री मोदी स्विस नेताओं के साथ बातचीत के दौरान कालेधन का मुद्दा उठाएंगे तो विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देश संपर्क में हैं।

जयशंकर ने कहा, हम दोहरे कराधान से बचाव की संधि डीटीएए के तहत स्विस सरकार के साथ संपर्क में हैं और हमने इसको लेकर कुछ चर्चा की है तथा निकट भविष्य में हमारी कुछ योजना है। दोनों देशों के बीच कर डाटा पर सूचना आदान प्रदान को लेकर हमें स्विस प्रशासन से सहयोग मिला है।

उन्होंने कहा, उम्मीद करते हैं कि स्विटजरलैंड के साथ सूचना के ऑटोमैटिक आदान-प्रदान को लेकर जल्द से जल्द संपर्क स्थापित होगा तथा इस बारे में स्विस कर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

विदेश सचिव ने कहा, मुझे लगता है कि हमने बहुत अधिक प्रगति की है और इस कारण हम कुछ दिन पहले एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से आवेदन कर सके हैं। हम इस मुद्दे को लेकर एनएसजी के सदस्यों के साथ संपर्क में हूं और स्विटजरलैंड इस समूह का महत्वपूर्ण सदस्य है तथा ऐसे में हम निश्चित तौर पर यह मुद्दा बातचीत में आएगा।   भारत ने गत 12 मई को एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया।

स्विटजरलैंड से प्रधानमंत्री छह जून को वाशिंगटन जाएंगे जहां उनका काफी व्यस्त कार्यक्रम है। वह अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित भी करने वाले हैं। ऐसा करने वाले वह पांचवें भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।

वह छह जून को अरलिंगटन नेशनल सिमिटरी में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह कई अमेरिकी थिंकटैंक के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। वह प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में भी शिकरत करेंगे

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