रोजाना15 मिनट करें योगाभ्यास, डिप्रेशन कभी न फटके आसपास

PUBLISHED : Mar 15 , 8:31 AMBookmark and Share




बोस्टन। हफ्ते में दो बार योग और प्राणायाम करने से अवसाद के लक्षणों से उबरने में मदद मिलती है। इसका असर अवसाद की दवा लेने या नहीं लेने वाले पर समान रूप से होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार अध्ययन से इस तथ्य को बल मिलता है कि अवसाद का दवाओं से इलाज का विकल्प योग हो सकता है। दवाओं से इलाज के साथ-साथ योग की पद्धतियां अपनाकर उपचार को और कारगर बनाया जा सकता है।

अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस स्ट्रीटर ने कहा कि अवसाद के विकार को दूर करने में योग या प्राणायाम काफी मददगार होता है। जर्नल ऑफ ऑल्टरनेटिव एंड कॉप्लिमेंटरी मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन में आयंगर योग (योग का एक रूप) का इस्तेमाल किया गया, जिसमें आसन एवं श्वसन नियंत्रण में बारीकियों पर ध्यान दिया जाता है।
अध्ययन में दो समूहों को शामिल किया गया। उनमें से एक समूह को हर हफ्ते 90 मिनट के योग की तीन कक्षाएं कराई गईं जबकि उन्होंने घर पर भी योग का अभ्यास किया। इसमें वे लोग थे जो दवा की बडी खुराक ले रहे थे। दूसरे समूह में दवा की छोटी खुराक लेने वाले लोग शामिल थे, जिन्हें हर हफ्ते 90 मिनट के योग की दो कक्षाएं दी गईं और उन्होंने घर पर भी योग का अभ्यास किया। बाद में दोनों समूहों में अवसाद के लक्षणों में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई।

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