मुलायम-अखिलेश में सुलह की कोशिशें तेज, सीएम को 208 MLAs का समर्थन

PUBLISHED : Jan 06 , 8:16 AMBookmark and Share




यूपी में चुनावी बिगुल बजते ही समाजवादी पार्टी (सपा) में चल रही कलह के थमने के आसार दिखने लगे हैं। गुरुवार को दिनभर गहमागहमी के बाद शाम होते-होते दोनों पक्षों के रुख मेंनरमी दिखाई दी। मंत्री आजम खां ने मुलायम व अखिलेश गुटों के बीच सुलह की कोशिशें फिर तेज कर दी हैं। सूत्र बता रहे हैं कि सुलह की कोशिशों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार हैं। अखिलेश खेमा टिकटों को लेकर रियायत देने को तैयार है लेकिन रामगोपाल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की शिवपाल खेमे की मांग पर बात बनती नहीं दिख रही। दबाव बढ़ने पर यह मांग छोड़ी भी जा सकती है।

अखिलेश ने दखमख दिखाया

अखिलेश ने चुनाव चिह्न् ‘साइकिल’ हासिल करने के लिए दमदख दिखाते हुए 208 विधायकों का समर्थन जुटाया। सीएम आवास पर हुई बैठक में शिवपाल के समर्थक कई विधायक व एमएलसी भी शामिल हुए। इन सभी से हलफनामे पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसमें कहा गया है कि वे सीएम के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हैं व पूरा विधानमंडल दल सीएम के साथ है।

पद ले लें, ऐतराज नहीं

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि उन्हें बस तीन महीने का वक्त चाहिए। वह चुनाव जीता कर आएंगे। इसके बाद नेताजी सारे पद मुझसे ले लें, मुझे ऐतराज न होगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने आवास पर विधायकों व मंत्रियों की पहली बैठक में कहा कि आप लोग क्षेत्र में जाईए और चुनाव जीत कर आईए।

आजम बोले प्रयास करता रहूंगा

आजम खां का कहना है कि मुलायम सिंह व अखिलेश दोनों ही बहुत भावुक हैं। बाप को बेटे के प्रति व बेटे को बाप के प्रति खासा लगाव है। वह इन दोनों के बीच सुलह के लिए आखिरी दम तक कोशिश करते रहेंगे। मुङो उम्मीद है कि दोनों मान जाएंगे।

चुनाव आयोग ने दिया 9 जनवरी तक का वक्त

चुनाव आयोग ने सपा के दोनों गुटों द्वारा ‘साइकिल’ पर दावे को लेकर दाखिल दस्तावेज पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने दोनों से 9 जनवरी तक अपने-अपने समर्थक विधायकों, विधान परिषद सदस्यों तथा सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित शपथपत्र जमा करने को कहा है, ताकि यह पता लग सके कि किसके पास कितना संख्या बल है।

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