पाक ने भारत की शर्त नजरअंदाज की, कश्मीर पर वार्ता के लिए विदेश सचिव को न्योता

PUBLISHED : Aug 20 , 12:18 PMBookmark and Share





इस्लामाबाद : सीमापार आतंकवाद पर वार्ता के भारत के प्रस्ताव को नजरअंदाज करते हुए पाकिस्तान ने शुक्रवार को विदेश सचिव एस जयशंकर को ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार’ कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए इस महीने के अंत तक इस्लामाबाद आने का न्योता दिया।

पाकिस्तान ने ‘कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों का’ आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें तत्काल खत्म किया जाना चाहिए और पाकिस्तानी डाक्टरों तथा पैरामेडिक्स कर्मियों को कश्मीर की यात्रा करने देने की अनुमति मांगी है।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उसके विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी ने सीमापार आतंकवाद पर वार्ता के लिए जयशंकर के प्रस्ताव पर जवाब दिया है। जवाब इस्लामाबाद में चौधरी द्वारा भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंब्वाले को सौंपा गया।
प्रवक्ता ने कहा कि पत्र में भारतीय विदेश सचिव को ‘जम्मू कश्मीर मसले पर चर्चा के लिए इस महीने के अंत तक इस्लामाबाद आने’ का न्योता दिया गया ताकि राज्य की जनता की ‘आकांक्षाओं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार निष्पक्ष एवं न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।’ पाकिस्तान ने ‘‘डाक्टरों और पैरामेडिक्स कर्मियों को जम्मू कश्मीर की यात्रा की अनुमति सहित’’ घायलों को चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

इससे पहले, पाकिस्तान ने सोमवार को भारत को कश्मीर पर वार्ता के लिए न्यौता दिया था और कहा था कि इस मुद्दे को सुलझाना दोनों देशों के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय बाध्यता’ है। हालांकि भारत ने बुधवार को कश्मीर पर विदेश सचिव स्तरीय वार्ता के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और कहा था कि बातचीत ‘सीमापार आतंकवाद से संबंधित पहलुओं’ पर होनी चाहिए जो जम्मू कश्मीर की वर्तमान स्थिति के केन्द्र में है।

जयशंकर ने सीमापार आतंकवाद पर चर्चा के लिए इस्लामाबाद जाने की इच्छा जताते हुए कहा था कि पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर की स्थिति के किसी पहलू पर बातचीत का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि यह भारत का आंतरिक मामला है।

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