PM मोदी का नया दांव, POK के विस्थापितों को देंगे 2000 करोड़ रुपए

PUBLISHED : Aug 29 , 8:08 AMBookmark and Share




   

पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) और गिलगित बल्तिस्तान के लोगों से संबंध सुधारने के प्लान पर काम करना जारी रखा हुआ है। मोदी सरकार ने कुछ ही दिन पहले POK के लोगों को आतंकी घटनाओं में मारे जाने पर मुआवजा देने की घोषणा की थी। इस बार मोदी सरकार ने POK से विस्थापित लोगों को 2000 करोड़ रुपए का पैकेज देने वाली है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इस पैकेज के प्रस्ताव की मंजूरी के लिए होम मिनिस्ट्री जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से सलाह मशविरा कर सकती है। बता दें कि जम्मू कश्मीर सरकार ने पैकेज वितरण के लिए 36,348 परिवारों की पहले ही पहचान कर ली है जिसके तहत प्रत्येक परिवार को लगभग साढ़े 5 लाख रुपए मिलेंगे। अधिकारी ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि एक महीने के भीतर पैकेज को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल जाएगी और पैसा जल्दी ही लाभार्थियों में बांटा जा सकेगा।'

कौन हैं POK के विस्थापित
पश्चिमी पाकिस्तान, ज्यादातर POK से आए शरणार्थी जम्मू, कठुआ और राजौरी जिलों के विभिन्न हिस्सों में बस गए हैं। हालांकि वे जम्मू कश्मीर के संविधान के अनुसार राज्य के स्थाई निवासियों की श्रेणी में नहीं आते। कुछ परिवार 1947 में भारत के बंटवारे के समय विस्थापित हो गए थे और अन्य परिवार 1965 तथा 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्धों के दौरान विस्थापित हुए थे। विस्थापित लोग लोकसभा चुनाव में वोट डाल सकते हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव में वे वोट नहीं डाल सकते।

9200 करोड़ रुपए मांगे गए थे
POK के विस्थापित लोगों का प्रतिनिधित्व कर रही जम्मू कश्मीर शरणार्थी कार्य समिति (जेकेएसएसी) ने बताया कि पैकेज को अंतिम बंदोबस्त नहीं समझा जाना चाहिए क्योंकि उन सभी के बंदोबस्त के लिए 9,200 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। जम्मू-कश्मीर में बसे पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों की समस्याओं पर विचार करने के बाद मोदी सरकार ने जनवरी 2015 में शरणार्थियों के लिए कुछ रियायतें मंजूर की थीं। रियायतों में इन लोगों को अर्धसैनिक बलों में भर्ती करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने, राज्य में समान रोजगार अवसर उपलब्ध कराने, शरणार्थियों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला देने जैसे कई कदम शामिल हैं।

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