ग्रामीण मध्यप्रदेश के कायाकल्प का "ग्रामोदय से भारत उदय अभियान" 14 अप्रैल से

PUBLISHED : Apr 13 , 8:42 AMBookmark and Share




ग्रामीण मध्यप्रदेश की तस्वीर बदलने के लिये प्रदेश में 'ग्रामोदय से भारत उदय अभियान' की शुरूआत डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती 14 अप्रैल से हो रही है। गाँवों के समग्र विकास का 45 दिन का यह अभियान 31 मई तक चलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-स्थली महू से देशव्यापी  ग्रामोदय से भारत उदय दस दिवसीय अभियान की शुरूआत करेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर प्रदेश में इसे वृहद रूप दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ जिला प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों से अभियान की रूपरेखा पर वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की। उन्होंने इसे गाँवों के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सम्पूर्ण अभियान बताते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से ग्रामीण मध्यप्रदेश और भारत का कायापलट हो जायेगा। प्रदेश में यही अभियान अगले दो साल में भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान जन सेवा करने का सर्वोत्तम अभियान है। उज्जैन जिले को सिंहस्थ 2016 की तैयारियों के कारण इस अभियान से मुक्त रखा गया है। यहाँ यह अभियान एक जून से 30 जून तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महू में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभा का सभी ग्राम पंचायतों में सीधा प्रसारण होगा। श्री चौहान ने सभी जिला कलेक्टरों, विभाग प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे टीम मध्यप्रदेश के रूप में एक जुट होकर इस वृहद अभियान को सफल बनायें। इस दौरान कोई भी पात्र हितग्राही शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिये। उन्होंने शहडोल, आगर-मालवा, इंदौर, डिण्डोरी, मंडला, टीकमगढ, मुरैना, छिन्दवाड़ा, रीवा, छतरपुर, नीमच, शाजापुर, राजगढ़, सागर, सिवनी, रतलाम, होशंगाबाद, भोपाल और देवास जिले के जन-प्रतिनिधियों से चर्चा की और उनसे सुझाव मांगे।

श्री चौहान ने कहा कि जिन जिलों में पानी की समस्या है वहाँ पूरी व्यवस्था की जायेगी। पैसे की कोई कमी नहीं है। जरूरत पड़ने पर समस्याग्रस्त क्षेत्रों में पीने के पानी का परिवहन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि हर गाँव में कम से कम एक जल-संरचना के निर्माण का काम शुरू करें या जो उपलब्ध हो, उसके पुनर्निर्माण कर काम करें। गाँवों के विकास की यथार्थवादी और व्यवहारिक योजनाएँ बनायें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अभियान के दौरान विशेष ग्राम सभाओं और ग्राम संसदों में भाग लेंगे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे भी यथासंभव ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से जायें। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता लोगों की अधिकाधिक भागीदारी पर निर्भर है।

अभियान में राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय स्तर पर अभियान का शुभारंभ महू से प्रधानमंत्री कर रहे हैं। अनूसूचित जनजाति वर्ग की महिला सरपंचों का राष्ट्रीय सम्मेलन आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में 19 अप्रैल को होगा। इसमें मध्यप्रदेश से 100 महिला सरपंच शामिल होंगी। इसी प्रकार 24 अप्रैल को झारखंड के जमशेदपुर में राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर राष्ट्रीय ग्राम सभा सम्मेलन हो रहा है।

राज्य स्तर पर ग्रामीण युवा उद्यमी सम्मेलन का आयोजन मई के पहले सप्ताह में होगा। इसमें उन उद्यमियों को शामिल किया जायेगा जिन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना से लाभ लेकर अपना काम शुरू किया है। इसी सम्मेलन में भविष्य में अपना काम शुरू करने के इच्छुक ग्रामीण युवा भी भाग लेंगे।

मई के दूसरे सप्ताह में राज्य स्तरीय महिला स्व-सहायता समूहों का सम्मेलन होगा। जिला एवं जनपद स्तर पर महिला स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगेंगे। मुख्यमंत्री ने हर किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिये। इस योजना की शुरूआत एक मई से हो रही है।

अभियान में ग्राम पंचायत स्तर पर 15 अप्रैल से 23 मई तक विशेष ग्राम सभाओं और ग्राम संसदों का आयोजन होगा। ग्राम सभाएँ तीन दिन होंगी। पहले दिन ग्राम पंचायत विकास योजना पर चर्चा होगी। दूसरे दिन हितग्राहीमूलक योजनाओं और तीसरे दिन कृषि आय को दोगुनी करने पर चर्चा होगी। इसके लिये 22 हजार 624 ग्राम पंचायत को 2504 संकुल में बाँटा गया है। इस प्रकार प्रत्येक जनपद पंचायत में छह से आठ संकुल होंगे। सभी ग्राम पंचायत में तीन दिवसीय ग्राम संसद होगी। प्रत्येक स्तर के लिये अधिकारियों का दल और नोडल अधिकारी  बनाये गये हैं। इन अधिकारियों का राज्य, संभाग, जिला और जनपद स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है।

इन बातों पर रहा फोकस

    डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की जन्म-स्थली महू में 125 जयंती पर उनके स्मरण के साथ पूरे जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे।

    प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के हितग्राहियों की सूची का सत्यापन होगा। पात्र लोगों के नाम जोड़े जायेंगे।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सौंपा गया अभियान का ध्वज सभी जिलों में भेजा जायेगा और इसके साथ अभियान की शुरूआत होगी।

    अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों, जनपद और ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जायेगा।

    महिला स्वास्थ्य शिविर में आने वाली बाँझ महिलाओं के उपचार का खर्चा सरकार उठायेगी।

    एक जून से 15 जून तक सभी जिले अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। राज्य स्तर पर इनकी समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री के सामने रखा जायेगा।

    मुख्यमंत्री ने जल-संरचनाओं के निर्माण और पौध-रोपण को मनरेगा से जोड़ने को कहा।

    ग्राम सभाओं और ग्राम संसद की बैठकों की वीडियोग्राफी करवाई जायेगी। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों की सूची का सत्यापन होगा।

    मुख्यमंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों से अपेक्षा की कि हर घर में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करें।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में गृह मंत्री श्री बाबूलाल गौर, वित्त मंत्री जयंत मलैया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, जनसंपर्क मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम महदेले, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह, राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, श्रम, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, वन मंत्री श्री गौरी शंकर शेजवार, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ज्ञान सिंह, संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा और संबधित विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

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