पहली बार होगा यह कारनामा, PSLV 8 उपग्रहों को अलग कक्षाओं में करेगा स्थापित

PUBLISHED : Sep 26 , 7:37 AMBookmark and Share




अपने पहले बहुकक्षीय प्रक्षेपण में भारत का प्रमुख प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सोमवार को देश के मौसम उपग्रह स्कैटसैट-1 और पांच अन्य देशों के उपग्रह सहित कुल आठ अलग-अलग उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक, यह पीएसएलवी का पहला मिशन है जिसके तहत उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा ।

इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि महासागर एवं मौसम संबंधी अध्ययन के लिए स्कैटसैट-1 और सात अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है ।

प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी35 सोमवार सुबह 9:12 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर के पहले प्रक्षेपण पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। पीएसएलवी-सी35 अपने साथ 371 किलोग्राम वजन वाले स्कैटसैट-1 और सात अन्य उपग्रहों को ले जाएगा, जिनमें अमेरिका और कनाडा के भी उपग्रह शामिल हैं।

इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी35 जिन आठ उपग्रहों को अपने साथ ले जाएगा, उनका कुल वजन 675 किलोग्राम होगा।

इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों को बताया, कल उल्टी गिनती शुरू हो गई और सभी चीजें संतोषजनक तरीके से चल रही हैं। कुमार ने बताया कि पीएसएलवीसी-35 उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करेगा।

करीब 17 मिनट बाद स्कैटसैट-1 को पहले 730 किलोमीटर वाली पोलर सनसिन्क्रोनस ऑर्बिट (एसएसओ) में जारी किया जाएगा, जबकि बाकी को करीब दो घंटे के बाद 689 किलोमीटर वाली एक निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

स्कैटसैट-1 के अलावा भारत के शैक्षणिक उपग्रहों- प्रथम और पीआईसैट- अल्जीरिया के अल्सैट-1बी, अल्सैट-2बी एवं अल्सैट-1एन और अमेरिका के पाथफाइंडर-1 एवं कनाडा के एनएलएस-19 को कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा।

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