एचएसबीसी की रिपोर्ट ; वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान

PUBLISHED : Jul 08 , 8:43 AMBookmark and Share





नई दिल्ली : कमजोर वैश्विक मांग और जोखिम से बचने के चलते भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में पिछले वर्ष के मुकाबले धीमी रहकर 7.4 प्रतिशत रह सकती है। एचएसबीसी ने एक रिपोर्ट में यह कहा है। रिपोर्ट में आधिकारिक जीडीपी आंकड़ों की गणना के तरीकों को लेकर भी चिंता जतायी गयी है।

वैश्विक वित्तीय सेवा इकाई के अनुसार कमजोर वैश्विक मांग, बैंक क्षेत्र में जोखिम से बचाव, घरेलू निजी निवेश में कमी, तेल की कीमतों में धीरे-धीरे वृद्धि समेत कुछ कारकों का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है।

एचएसबीसी ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, ‘सभी चीजों को ध्यान में रखकर हमारा मानना है कि जीडीपी वृद्धि 2016-17 में 7.4 प्रतिशत रहेगी जो 2015-16 में 7.6 प्रतिशत थी।’ इसमें कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि कम होने के बावजूद यह वैश्विक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन में से एक होगा। मुख्य रूप से शहरी मांग में वृद्धि से भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत होगी।

एचएसबीसी के अनुसार, जीडीपी आंकड़े की गणना के तौर-तरीकों को लेकर चिंता बनी हुई है और इसे अगर ठीक किया जाए तो वास्तविक वृद्धि 6 से 6.5 प्रतिशत होगी जो आधिकारिक अनुमान से 1.50 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट के अनुसार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से शहरी मांग में वृद्धि, सामान्य मानसून से ग्रामीण क्षेत्रों में पुनरूद्धार तथा पिछली नीतिगत दर में कटौती का लाभ मिलने के साथ घरेलू नकदी से जीडीपी को गति मिलेगी।

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