केरलः पुत्तिंगल मंदिर में भीषण हादसा, अब तक 109 की मौत

PUBLISHED : Apr 10 , 2:51 PMBookmark and Share


 
कोल्लम। केरल के पुत्तिंगल मंदिर में रविवार सुबह करीब तीन बजे लगी भीषण आग में अब तक 109 लोगों की मौत हो गई, वहीं 350 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह मंदिर कोल्लम जिले में स्थित है। मंदिर में नवरात्र का उत्सव मनाया जा रहा था। इस दौरान आतिशबाजी की गई। बताया जा रहा है कि आतिशबाजी से मंदिर में आग लग गई। इसके बाद मची भगदड़ और आग की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई। इस दौरान मंदिर में करीब 1500 लोग मौजूद थे।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। वे डॉक्टरों की टीम के साथ केरल रवाना हो चुके हैं। मोदी ने सख्त हिदायद दी है कि उनके केरल पहुंचने पर किसी तरह के प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं किया जाए। प्रधानमंत्री ने हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्ढा को जल्द से जल्द केरल जाने को कहा है। केरल के सीएम ओमन चांडी और होम मिनिस्टर रमेश चेन्नीथाला कुछ देर बाद मौके पर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही एयरफोर्स के 8 हेलिकॉटरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। वहीं कोच्ची से तीन छोटे जहाज मेडिकल का सामान लेकर यहां पहुंच रहे हैं।
शवों की पहचान के लिए होगा डीएनए टेस्ट
वहीं राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथाला के साथ घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने संवाददाताओं से कहा कि घायलों को यहां के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और आस पास के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति का आकलन करने के लिए कोल्लम आश्रम गेस्ट हाउस में मंत्रिमंडल की आपात बैठक होगी। सोलह मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए लागू आचार संहिता के मद्देनजर मंत्रिमंडल चुनाव आयोग से आवश्यक वित्तीय मदद और पीडि़तों को अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा मुहैया के लिए छूट देने की अपील करेगा। चांडी में कहा कि राज्य सरकार ने घायलों को कोल्लम से तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज और अन्य निजी अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए दो हेलिकॉप्टरों की सेवाएं मांगी हैं। सरकार निजी अस्पतालों समेत सभी अस्पतालों में इलाज का खर्च उठाएगी।
मंदिर में कैसे लगी आग
केरल में नया साल मनाया जाने वाला है। इसके लिए बड़ी संख्या में श्रद्धलु वहां जुटे थे। बता दें कि देवी का यह मंदिर आतिशबाजी के लिए मशहूर है। यहां हर नवरात्र को आतिशबाजी की प्रतियोगिता भी होती है। इसे देखने के लिए देश और विदेश से सैकड़ों लोग आते हैं। बताया जा रहा है कि आतिशबाजी और म्यूजिक के शोर में लोगों को पता ही नहीं चला कि क्या हुआ है। आग के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई, जिसमें दबने से भी कई लोगों की जानें गई हैं। एक चैनल के अनुसार आग तब लगी जब एक चिंगारी पटाखा स्टोर तक पहुंच गई। इसके बाद धमाके होने लगे। धमाके इतने तेज थे कि पटाखा स्टोर के पास बनी त्रावणकोर देवासम बोर्ड की बिल्डिंग तबाह हो गई। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर के जिस हिस्से में आग लगी वहां कुछ पेंट कंटेनर भी रखे हुए थे। केमिकल की चपेट में आने से आग और भयानक हो गई।
गैरकानूनी तरीके से रखी गई थी आतिशबाजी
केरल के पुत्तिंगल मंदिर में हुए हादसे के मंदिर प्रशासन के खिलाफ न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एक चैनल के मुताबिक मंदिर परिसर में पटाखे गैरकानूनी तरीके से रखे गए थे। मंदिर में आतिशबाजी की इजाजत नहीं थी। बता दें कि मंगलवार को मलयालम नया साल है, ऐसे में यहां ज्यादा लोगों की भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट इतना तेज था कि दो किलोमीटर तक इसकी आवाजें सुनाई दी थी। कोल्लम के जिलाधीश ने कहा कि मंदिर में आतिशबाजी के लिए मंदिर प्रशासन को कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई थी।
राहत और बचाव कार्य जोरों पर
वहीं पुलिस ने बताया कि पारावुर क्षेत्र स्थित मंदिर में उत्सव के दौरान देवस्वोम कार्यालय के समीप रखे पटाखों में आग लगने के बाद बड़ा विस्फोट हुआ। देवस्वोम इमारत के गिरने से कई लोग भी घायल हो गए। अभी तक कुछ शवों की ही पहचान हो सकी है। ज्यादातर घायल कोल्लम, चदायमंगलम और चिरायिलकीझू के रहने वाले है। मंदिर में चल रहे वार्षिकोत्सव में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे आसपास के गांवों के सैंकड़ों लोग इस दुर्घटना में घायल हो गए। पुलिस, दमकल और बचावकर्मियों का दल घटनास्थल पर पहुंच गया है और उन्होंने ध्वस्त इमारत के मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
केरल सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
केरल सरकार की ओर से रविवार सुबह एक हेल्पलाइन नंबर (0474-2512344, 9497960778, 9497930869) जारी किया गया है। शुरुआती खबरों के अनुसार मंदिर परिसर में आतिशबाजी करने की इजाजत नहीं दी गई थी। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार गृहमंत्री चेन्निथला ने बताया कि मामले की न्यायिक जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा सीएम ओमन चांडी भी घटनास्थल का दौरा करेंगे। हादसे में मारे गए और घायल लोगों के लिए जल्द ही मुआवजे का एलान किया जाएगा। यह मंदिर कोल्लम जिले के पारावूर टाउन में है। यह जगह तिरुअंतपुरम से 60 किलोमीटर दूर है। बताया जा रहा है कि मंदिर में 15 हजार लोग थे, जिसमें कुछ विदेशी भी थे। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी भी विदेशी नागरिक के मारे जाने की जानकारी नहीं दी है।

वीडियो

More News